Tuesday 24 May 2022

नक्की वाचा :- भारतात घडलेल्या पहिल्या गोष्टी



🎯 चद्रावर मानव पाठवणारा पहिला देश : अमेरिका

🎯पहिला मानवनिर्मित उपग्रह अवकाशात प्रेक्षेपित करणारा देश : रशिया

🎯  पहिली हृदयरोपण शस्त्रक्रिया यशस्वी करणारा देश : द. आफ्रिका

🎯पहिली चेहरारोपण शस्त्रक्रिया करणारा देश : फ्रान्स

🎯भारतातील पहिली विज्ञान नगरी : कोलकाता

🎯  भारतातील पहिला महासंघ : परम 10,000

🎯भारतातील पहिले दूरदर्शन केंद्र : नवी दिल्ली (1959)

🎯  भारतातील पहिले स्वदेशी क्षेपणास्त्र : पृथ्वी (1988)

🎯 भारतातील पहिले कुटुंबनियोजन केंद्र : मुंबई (1925)

🎯भारताचा पाहीला उपग्रह : आर्यभट्ट

🎯  भारतातील पहिला दूरसंवेदन उपग्रह : आय.आर.एस-1ए

🎯  भारतातील पहिली अणूभट्टी : अप्सरा (1954)

🎯 भारतातील पहिली जनगणना : ए.स. 1872

🎯  भारतातील स्वदेशी निर्मिती पहिली आण्विक पाणबुडी : आय.एन.एस.अरिहंत

🎯भारतातील पहिली अणुचाचणी : पोखरण (1974)

महाराष्ट्रातील समाजसुधारकमहादेव गोविंद रानडे

महादेव गोविंद रानडे :

जन्म – 18 जानेवारी 1842, निफाड (नाशिक).

मृत्यू – 16 जानेवारी 1901.

रानडे यांना हिन्दी अर्थशास्त्राचे जनक म्हणून संबोधले जात .

तसेच त्यांना पदवीधरांचे मुकुटमणी असेही म्हटले जात असे .

रानडे हे अक्कलकोटी राज्याचे कारभारी होते.

1886 – भारत सरकार अर्थसमितीचे सदस्य वित्तीय समितीवर नियुक्त होणारे पहिले भारतीय.

रानडे हे गोपाल कृष्ण गोखले यांचे गुरु होते .

त्यांना महाराष्ट्राच्या प्रबोधनाचे जनक म्हटले जात .

समाजसुधारकांसाठी सर्वांगीण प्रतिमान मांडणारे प्रज्ञावंत.

रानडे हे आर्थिक राष्ट्रवादी होते .

1887 – सामाजिक परिषद.

1890 – औद्योगिक परिषद.

त्यांना मराठी पत्रकारीतेचे जनक असेही म्हटले जात असे.

संस्थात्मिक योगदान :

1865 – विधवा विवाहोत्तेजक मंडळी (विष्णु पंडित) सहाय्य.

1867 – मुंबई येथे प्रार्थना समाज स्थापनेत सहभाग.

1870 – सार्वजनिक सभा स्थापनेत सहभाग.

उद्दीष्ट – थंड गोला घेवून पडलेल्या समाजात विचार, संघटना व कृतीची सांगड घालण्यासाठी व्यासपीठ उभे केले.

वकृत्वोत्तेजक सभा – पुणे.

नगर वचन मंदिर – पुणे.

1875 वसंत व्याख्यान – माला (पुणे).

1882 – हुजूरपागा शाळा (पुणे).

31 ऑक्टोबर 1896 डेक्कन सभा.

1896 – हिंदू विडोज होम.

इन्फेक्शन डेसिजेस हॉस्पिटल स्थापन केले .
मराठी ग्रंथोत्तेजक मंडळी, नाशिक.
पुना मार्कटाईल बँक, रशीम गिरणी, लवाद कोर्ट, पुणे रंगशाला यांच्या स्थापनेत सहभाग.

1889 – Industrial As Sociation Of Western India स्थापन.

रानडे यांनी केलेले लेखन :

इंदु प्रकाश (मासिक).

एकेश्र्वरनिष्ठांची कैफियत.

1874 – जबाबदार राज्यपद्धतीची मागणी करणारा अर्ज.

1888 – ऐजेस ऑन इंडियन इकॉनॉमिक्स.
मराठी सत्तेचा उदय.

मराठी पत्रकारितेचा पाया घातला.

निबंध – प्रजावृद्धीचे दुष्परिणाम, मराठा सत्याग्रहातील नाणी व चलन.

‘तरुण शिकलेल्या लोकांची कर्तव्य‘ हा निबंध ज्ञानप्रसारक नियतकालिकात गाजला.

वैशिष्ट्ये :-

ग. व. जोशी यांच्या सामाजिक व आर्थिक विचारांचा प्रभाव.
भारतात प्रागतिक सनदशीर राजकारणाचा पाया घातला.

1873 – 11 वर्ष वयाच्या मुलीसोबत पुनर्विवाह.
पंचहौद मिशन प्रकरणी प्रायश्र्चित घेतले.
संमतीवय विधेयकास पाठिंबा.
इंडियन नॅशनल कॉग्रेसला पाठिंबा.
दारिद्र्यनिर्मूलनासाठी औद्योगीकरणाचा उपाय सुचवले.
‘महाष्ट्राला पेशवाईनंतर आलेली प्रेतकळा उडवून सचेतन करण्याची काळजी आमरण वाहिनी.’ टिळकांचे मत.

परीक्षेसाठी महत्वाचे

◆ ग्रामपंचायतीचा प्रशासकीय प्रमुख - ग्रामसेवक

◆ ग्रामपंचायतीचा वास्तव कार्यकारी प्रमुख - सरपंच

◆ ग्रामपंचायतीचा सचिव - ग्रामसेवक

◆ ग्रामसभेचे अध्यक्षस्थान - सरपंच

◆ सरपंचाच्या अनुपस्थित - उपसरपंच

◆ पंचायत समितीच्या प्रशासकीय प्रमुख - गटविकास अधिकारी

◆ पंचायत समितीचा वास्तव कार्यकारी प्रमुख - सभापती

◆ पंचायत समितीचे सचिव - गटविकास अधिकारी

◆ पंचायत समितीच्या स्थायी समितीचा पदसिद्ध सचिव - BDO

◆ सरपंच समितीचे पदसिद्ध अध्यक्ष - पं. समितीचे उपसभापती

◆ सरपंच समितीचे पदसिद्ध सचिव - विस्तार अधिकारी

◆ जिल्हा परिषदेचे प्रशासकीय प्रमुख - CEO

◆ जिल्हा परिषदेचे वास्तू कार्यकारी प्रमुख - जि. प. अध्यक्ष

◆ जिल्हा परिषदेचे पदसिद्ध सचिव - Dy. CEO

◆ जि. प. स्थायी समिती पदसिद्ध अध्यक्ष - जि. प. अध्यक्ष

◆ जि. प. स्थायी समिती पदसिद्ध सचिव - Dy. CEO

◆ जिल्हा आमसभेचे अध्यक्ष - पालकमंत्री

◆ जिल्हा आमसभेचे सचिव - जिल्हाधिकारी

◆ जिल्हा नियोजन व विकास मंडळाचे अध्यक्ष - पालकमंत्री

◆ जिल्हा नियोजन व विकास मंडळाचे सचिव - जिल्हाधिकारी

◆ नगरपालिकेचा प्रशासकीय प्रमुख - मुख्याधिकारी

◆ नगरपालिकेचा वास्तव कार्यकारी प्रमुख - नगराध्यक्ष

◆ नगरपालिकेचा पदसिद्ध सचिव - मुख्याधिकारी

◆ महानगरपालिकेचा प्रशासकीय प्रमुख - आयुक्त

◆ महानगरपालिकेचा वास्तव कार्यकारी प्रमुख - महापौर

◆ महानगरपालिकेचा सचिव - आयुक्त

भारत का मध्यकालीन इतिहास - सामान्य ज्ञान प्रश्न

भारत का मध्यकालीन इतिहास - सामान्य ज्ञान प्रश्न

1.बहमनी राज्य वास्तु कला के क्षेत्र में जाना जाता है। इसके बारे में निम्नलिखित में कौन सा कथन गलत है?
[A] हैदराबाद शहर की स्थापना बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाही ने की।
[B] बीजपुर को गोलगुंबज सबसे बड़ा गुम्बज है।
[C] हैदराबाद की चार मीनार का निर्माण गोलकुण्डा के मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने कराया।
[D] महमूद गवन ने बीदर में एक कॉलेज बनवाया।

Correct Answer: A [हैदराबाद शहर की स्थापना बीजापुर के इब्राहिम आदिल शाही ने की।]
Notes:
हैदराबाद शहर की स्थापना गोलकुण्डा के राजा मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 में मुसि नदी के उत्तर किनारे पर की।

2.निम्न में किस प्रदेश के हिस्से कृष्ण देव राय के राज्य में नहीं थे?
[A] केरल
[B] तमिलनाडु
[C] उड़ीसा
[D] महाराष्ट्र

Correct Answer: D [महाराष्ट्र]
Notes:
कृष्णदेव राय दक्षिण भारत के राज्य विजयनगर के सबसे महान राजा थे। उन्होंने 1509 से 1529 तक राज्य किया।

3.कौन से उर्दू कवि असद नाम से कविताएं लिखते थे?
[A] ताकि मिर
[B] मिर्ज़ा ग़ालिब
[C] दुष्यंत
[D] अमीर खुसरो

Correct Answer: B [मिर्ज़ा ग़ालिब]
Notes:
मिर्ज़ा ग़ालिब ग़ालिब उपनाम से कविता लिखते थे। लेकिन वो उससे पहले असद नाम से कविता लिखते थे।

4.महाराजा रणजीत सिंह की राजधानी थी:-
[A] लाहौर
[B] पटियाला
[C] अमृतसर
[D] जम्मू

Correct Answer: A [लाहौर]
Notes:
महाराजा रणजीत सिंह 1799 से 1837 तक पंजाब के राजा थे। वे अहलूवालिया मिस्ल से थे। उन्होंने एक विशाल राज्य की स्थापना की। उनकी राजधानी लाहौर थी।

5.मुस्लिम राजाओं के आक्रमण से पहले कौन सी प्रथा प्रचलित थी?
[A] पर्दा प्रथा
[B] बाल विवाह
[C] सती प्रथा
[D] दास प्रथा

Correct Answer: D [दास प्रथा]
Notes:
पर्दा प्रथा, बाल विवाह और सती प्रथा मुस्लिम आक्रमणों की देन थी। मुस्लिम राजाओं के अपहरण से महिलाओं, लड़कियों को बचाने के लिए हिंदुओं ने पर्दा प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा, जौहर प्रथा प्रारम्भ की थी। मुस्लिम आक्रमणों से पहले यह कोई प्रथा भारत में नहीं थी।

हालांकि दास प्रथा पहले से प्रचलित थी।
6.कबूलियत और पट्टा किसने शुरू किया?
[A] जहाँगीर
[B] अकबर
[C] हुमायूँ
[D] शेरशाह

Correct Answer: D [शेरशाह]
Notes:
शेरशाह सूरी वंश का एक राजा था जिसने 1540 से 1545 तक राज्य किया। कबूलियत और पट्टा उसने ही प्रारंभ की थी।

7.खुर्रम किसको कहा जाता था?
[A] अकबर
[B] जहाँगीर
[C] शाहजहाँ
[D] औरंगजेब

Correct Answer: C [शाहजहाँ]
Notes:
शाहजहाँ के बचपन का नाम खुर्रम था लेकिन वो शाहजहाँ के नाम से राजा बना।

8.चंगेज खान ने किसके समय भारत पर आक्रमण किया?
[A] कुतुबुद्दीन ऐबक
[B] इल्तुतमिश
[C] अलाउद्दीन खिलजी
[D] इनमें से कोई नहीं

Correct Answer: B [इल्तुतमिश]
Notes:
चंगेज खान मंगोल राजा था जिसने इल्तुतमिश के समय भारत पर आक्रमण किया।

9.गोगुंडा का युध्द किस प्रदेश में हुआ?
[A] गुजरात
[B] राजस्थान
[C] मध्य प्रदेश
[D] उत्तर प्रदेश

Correct Answer: B [राजस्थान]
Notes:
गोगुंडा या हल्दीघाटी का युध्द अकबर के सेनापति मानसिंह और महाराणा प्रताप के बीच 21 जून 1576 को हुआ।

10.राजस्थान में शाकम्भरी किस राजवंश से सम्बंधित है?
[A] गड़हवाल
[B] चौहान
[C] सोलंकी
[D] परमार

Correct Answer: B [चौहान]

इतिहासातील महत्त्वपूर्ण वृत्तपत्रे


१) तत्त्वबोधिनी पत्रिका - रविंद्रनाथ टागोर
२) व्हाईस ऑफ इंडिया - दादाभाई नौरोजी
३) रास्तगोफ्तार - दादाभाई नौरोजी
४) न्यू इंडिया - बिपिनचंद्र पाल
५) न्यू इंडिया - अ‍ॅनी बेझंट
६) यंग इंडिया - महात्मा गांधी
७) इंडियन मिरर - डी. डी. सेन
८) द ईस्ट इंडियन - हेन्री डेरोझियो
९) इंडियन ओपिनियन - महात्मा गांधी
१०) नॅशनल हेरॉल्ड - पंडित नेहरू
११) इंडिपेडन्स - पं. मोतीलाल नेहरू
१२) अल-हिलाल - मौलाना आझाद
१३) अल-बलाघ - मौलाना आझाद
१४) कॉमन विल - अ‍ॅनी बेझंट
१५) भारतमाता - अजित सिंग
१६) हिंदू - सी.सुब्रण्यम अय्यर
१७) सर्चलाईट - डॉ. राजेंद्र प्रसाद
१८) सोमप्रकाश - ईश्वरचंद्र विद्यासागर
१९) पंजाबी पीपल - लाला लजपतराय
२०)  गंभीर इशारा - वि. दा. सावरकर
२१) संवाद कौमुदी - राजा राममोहन राय
२२) बॉम्बे क्रॉनिकल - फिरोजशहा मेहता
२३) बंगाली - सुरेंद्रनाथ बॅनर्जी
२४) बेंगाल हेरॉल्ड - राजा राममोहन रॉय
२५) हिन्दुस्थान रिव्ह्यू - एस. पी. सिन्हा
२६) अखबार-ए-आझम - हरिकृष्ण लाल
२७) हिंदुस्थानी वकील - जी. पी. वर्मा
२८) कॉमरेड - मोहम्मद अली जव्हार
२९) हमदर्द - मोहम्मद अली जव्हार
३०) गदर - लाला हरदयाल
३१) व्हँनगार्ड - एम. एन. रॉय
३२) मिरात-उल्-अखबार - राजा राममोहन राय
३३) उदबोधन - स्वामी विवेकानंद
३४) प्रबुद्ध भारत - डॉ. आंबेडकर
३५) रिव्होल्यूशनरी - सचिन्द्रनाथ सन्याल
३६) किर्ती - संतोषसिह
३७) ब्रह्मबोधिनी - उमेशचंद्र दत्त
३८) सुलभ समाचार - केशवचंद्र सेन
३९) बांग्लाकथा - सुभाषचंद्र बोस
४०) इंडिया - सुब्रण्यम भारती
४१) दी इंडियन स्पेक्टॅटर - बेहरामजी मलबारी
४२) इंडियन फिल्ड - किशोरीचंद मित्र
४३) अबला बांधव - द्वारकानाथ गांगुली
४४) फ्री हिन्दुस्थान -तारकानाथ दास
४५) परिदर्शक - बिपिनचंद्र पाल
४६) जन्मभूमी  - पट्टाभि सितारामय्या
४७) मुंबई समाचार - फरदुनजी
४८) तलवार - विरेंद्रनाथ चटोपाध्याय
४९) लीडर - पं. मदनमोहन मालवीय
५०) पख्तून - खान अब्दुल गफारखान
५१) इंडियन मजलीस - अरविद घोष (केम्ब्रिज)
५२) इंडियन सोशॅलॉजिस्ट - श्यामजी कृष्ण वर्मा (लंडन)
५३) वंदे मातरम् - अरविद घोष (कोलकता)
५४) वंदे मातरम् - लाला लजपतराय (पंजाब)
५५) वदे मातरम् - मादाम कामा (पॅरिस)
५६) नवजीवन समाचार - महात्मा गांधी (गुजराती)
५७) युगांतर - भूपेंद्र दत्त बारिंद्र घोष
५८) संध्या - ब्रह्मबांधव उपाध्याय
५९) अमृतबझार पत्रिका - शिरीषकुमार घोष आणि एम. एल. घोष
६०) वंगभाषी - बाबू जोगेन्द्रनाथ बसू
६१) क्रांती - मिरजेकर, जोगळेकर व घाटे
६२) प्रताप (दैनिक) - गणेश शंकर विद्यार्थी (कानपूर)
६३) मुकनायक - डाॅ. आंबेडकर
६४) बहिष्कृत भारत - डाॅ. आंबेडकर
६५) जनता - डाॅ. आंबेडकर
६६) केसरी - लोकमान्य टिळक
६७) मराठा - लोकमान्य टिळक
६८) हास्य संजीवनी - विरेशलिंगम पंतलु
६९)शालापत्रक - विष्णूशास्त्री चिपळूणकर
७०) प्रभाकर - भाऊ महाजन
७१) धुमकेतू - भाऊ महाजन
७२) ज्ञान दर्शन - भाऊ महाजन
७३) दिनबंधू - कृष्णराव भालेकर
७४) दिग्दर्शन - बाळशास्त्री जांभेकर
७५) प्रगती - त्र्यंबक शंकर शेजवलकर
७६) हरिजन - महात्मा गांधी.

आद्य क्रांतिकारक राजे उमाजी नाईक


                                                                                 
         जन्म : 7 सप्टेंबर 1791
         (भिवडी, पुरंदर, पुणे)

        फाशी : 3 फेब्रुवारी 1832
                   (पुणे)
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            ◾️सासवडच्या सत्तू नाईकच्या नेतृत्वाखाली सर्वप्रथम रामोशी समाज एकत्रित आला. सत्तू नाईक, साता-याचा चित्तूरसिंग नाईक व पुरंदरचा उमाजी नाईक हे रामोशांचे प्रमुख नेते होते. पुण्याच्या आग्नेय भागात रामोशाची जास्त दहशत होती.

           ◾️सत्तू नाईकच्या नेतृत्वाखाली उमाजी नाईक व त्याचा भाऊ अमृता नाईक यांनी पुण्याजवळ भांबुर्ड्याचा लष्करी खजिना 1924 - 25 साली लुटला. पुण्यातून रामोशांच्या  हकालपट्टीसाठी ब्रिटिशांनी जवाहरसिंग रामोशी यास सासवडचा अंमलदार बनविले. पण  उमाजी व सत्तू नाईकाने जवाहरसिंग व त्याच्या मुलाच्या मुसक्या आवळल्याने त्याने इंग्रजांची नोकरी सोडून दिली.
          ◾️सत्तू नाईक नंतर रामोशांचे नेतृत्व उमाजी नाईकवडे आले. भूजाजी, कृष्णाजी, येसाजी व अमृता हे उमाजीचे विश्वासू सरदार होते. उमाजी स्वत: ला राजे समजून घेत असे. पुण्यातील पुरंदर तालुक्यातील भिवडी या गावी 1791 साली उमाजीचा जन्म झाला होता.

           ◾️ब्रिटिश काळात रामोशांची संख्या 18000 होती. दरम्यानच्या काळात उमाजीने एका यात्रेत तलवारीने कोतवालाचे तुकडे करून पोलिसात दहशत पसरवली. उमाजीला पकडण्यासाठी ब्रिटिशांनी 1826 साली पहिला जाहीरनामा काढला. यानुसार उमाजी व त्याचा साथीदार पांडुजी यांना पकडून देणा-यास 100 रुपये ईनाम जाहीर केले. पण त्याचा काहीच उपयोग झाला नाही.
         
◾️सरकारने पुन्हा जाहीरनामा काढून ईनामाची रक्कम 1200 रूपये कली आणि जाहीरनाम्यात असे म्हटले की, "सरकारला मदत केली नाही तर बंडवाल्यात सामिल झालात, असे समजण्यात येईल." यावेळी उमाजीस पकडून देण्याचा विडा उचलणा-या  शिवनाक यास रामोशांनी ठार केले.

            ◾️त्यावेळी उमाजीचा धाक पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापूर, सोलापूर, अहमदनगर, जेजुरी, सासवड व मराठवाड्याच्या काही भागात होता. यावेळी पुण्याचा कलेक्टर एच . डी . रॉबर्टसन  याने वेळोवेळी जाहीरनामा काढून उमाजीला पकडण्याचे ठरविले. कोणीच गददारी न केल्यामुळे त्याच्या हाती काहीच आले नाही.

             ◾️रॉबर्टसनने दरम्यान कोकणावर वचक बसविण्याठी बंडखोरांची माहिती देणा-यासाठी खास बक्षिस जाहीर केले. या काळात उमाजीने ठाणे व रत्नागिरी जिल्हयातील लोकांनी ब्रिटिशांकडे महसूल न भरता उमाजीकडे दयावा असे जाहीर केले. याच्या परिणामस्वरूप भोर  संस्थानातील 13 गावानी उमाजीकडे महसुल भरला.

             ◾️शेवटी ब्रिटिशांनी उमाजीची बायको, दोन मुले व एक मुलगी यांना अटक केली. त्यामुळे कुटुंबाखातर उमाजी ब्रिटिशांना शरण आला. ब्रिटिशांनी त्याचे सर्व गुन्हे माफ करून त्याला सरकारी नोकरी दिली. पुणे व सातारा जिल्हयात शांतता व सुव्यवरथा राखण्याचे काम उमाजींकडे देण्यात आले. पण पुढे नंतर 13 गावांच्या महसुलावरुन उमाजी व ब्रिटिश यांच्यात वाद सुरू झाला.

           ◾️1831 साली ब्रिटिशांनी जाहीरनामा प्रसिध्द करून उमाजीला पकडण्याची जबाबदारी कॅप्टन अलेक्झांडर व कॅप्टन मैकिन्तोश यांच्याकडे सोपविली. उमाजी, येसाजी, मुंजाजी व कृष्णाजी यांना पकडून देणा-यास 5000 रूपये व 2 बिघा जमीन बक्षीस देण्याचे जाहीर केले. त्यापैकी एकटया उमाजीस पकडून देणा-यास 2500 रूपये व 1 बिघा जमीन जाहीर करण्यात आली. बक्षीसाच्या आमिषाला बळी पडून एकेकाळचे त्याचे जवळचे साथीदार काळू रामोशी, नाना रामोशी यानी गददारी केली. उमाजीचा जुना शत्रु बापूसिंग यानेही त्यांना मदत केली. 15 डिसेंबर 1831 रोजी कॅप्टन मैकिन्तोशने पुण्याच्या मुळशी तालुक्यातील अवळस येथे उमाजीला  अटक केली. पुण्याच्या तहसिलदार कचेरीत 3 फेब्रुवारी 1832 रोजी उमाजीला फाशी देण्यात आली.  त्याठिकाणी आता पुतळा स्वातंत्र्याचा संदेश देत ठामपणे उभा आहे.

          ◾️उमाजीचा पहिला चरित्रकार व उमाजीस पकडण्याच्या मोहीमेचा प्रमुख मैकिन्तोश म्हणतो, “उमाजीच्या नजरेसमोर शिवाजी राजांचे उदाहरण होते. स्वराज्य संस्थापक शिवाजी हे त्याचे श्रध्देय व स्फूर्तीचे स्थान होते. शिवाजीच त्याचा आदर्श होता. मोठमोठया लोकांनी मला स्वतः  सांगितले की, उमाजी हा काही असला तसला भटक्या दरोडेखोर नाही. त्याच्या नजरेसमोर नेहमी शिवाजीचे उदाहरण होते. शिवाजी महाराजांप्रमाणे आपण मोठे राज्य कमवावे  अशी त्याची इच्छा होती."

महाराष्ट्रातील विविध संख्या

🌷 महाराष्ट्रातील विविध  संख्या🌷

✍ महाराष्ट्रात जिल्हे : ३६

✍ महाराष्ट्रात तालुके : ३५८

✍ महाराष्ट्रात प्रशासकीय विभाग : ०६

✍ महाराष्ट्रात महानगरपालिका : २७

✍ महाराष्ट्रात विधानसभा जागा : २८८

✍ महाराष्ट्रात विधानपरिषद जागा : ७८

✍ महाराष्ट्रात लोकसभा जागा : ४८

✍ महाराष्ट्रात राज्यसभा जागा : १९

✍ महाराष्ट्रात आंतरराष्ट्रीय विमानतळे : ०२

✍ महाराष्ट्रात कृषी विद्यापीठे : ०४

✍ महाराष्ट्रात युनेस्को वारसास्थळे : ०५

✍ महाराष्ट्रात रामसर स्थळे : ०२

✍ महाराष्ट्रात राष्ट्रीय उद्याने : ०६

✍ महाराष्ट्रात रेल्वे विभाग : ०२

✍ महाराष्ट्रात व्याघ्र राखीव क्षेत्र : ०६

✍ महाराष्ट्रात वाघ : एकुण ३१२.

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